
श्री राधा स्तुति श्री राधा की महिमा और उनके दिव्य स्वरूप की स्तुति करने वाली एक सुंदर प्रार्थना है। इसमें श्री राधा को रासेश्वरी, करुणामयी और मूल प्रकृति के रूप में संबोधित करते हुए उनकी कृपा और शरण की प्रार्थना की गई है।
Shri Radha Stuti in Hindi with Meaning
(1)
नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी।
रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये।।
हे परमेश्वरी, रासमंडल में निवास करने वाली देवी, आपको नमस्कार है। रासेश्वरी, आपको नमस्कार हो, जो कृष्ण के प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं।
(2)
नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे।
ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे।।
त्रिलोक की जननी, आपको नमस्कार है। कृपया प्रसन्न हों, हे करुणा के सागर। ब्रह्मा, विष्णु आदि देवताओं द्वारा वंदित आपके चरण कमलों को नमस्कार।
(3)
नम: सरस्वतीरूपे नम: सावित्रि शंकरि।
गंगापद्मावनीरूपे षष्ठि मंगलचण्डिके।।
सरस्वती के रूप में आपको नमस्कार, सावित्री और शंकरि के रूप में नमस्कार। गंगा, पद्मावती के रूप में, षष्ठी, मंगल और चण्डिका के रूप में आपको नमस्कार।
(4)
नमस्ते तुलसीरूपे नमो लक्ष्मीस्वरुपिणी।
नमो दुर्गे भगवति नमस्ते सर्वरूपिणी।।
तुलसी के रूप में आपको नमस्कार, लक्ष्मी के स्वरूप में आपको नमस्कार। दुर्गा भगवती के रूप में आपको नमस्कार, सर्वरूपिणी देवी को नमस्कार।
(5)
मूलप्रकृतिरूपां त्वां भजाम: करुणार्णवाम्।
संसारसागरादस्मदुद्धराम्ब दयां कुरु।।
मूल प्रकृति के रूप में हम आपको भजते हैं, करुणा के सागर। संसार सागर से हमें उद्धार करें, कृपया दया करें।
निष्कर्ष
श्री राधा स्तुति भक्त को श्री राधा के चरणों में अपनी प्रार्थना अर्पित करने और उनकी शरण लेने की भावना देती है। श्रद्धा के साथ इसका पाठ करने से मन में भक्ति, विनम्रता और श्री राधा की कृपा पाने की भावना बढ़ती है।
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